योग केवल वजन घटाने का साधन नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक कर मोटापे को जड़ से खत्म करने की एक स्थायी प्रक्रिया है। जिम में भारी वजन उठाने या अत्यधिक कार्डियो करने से वजन तेजी से घट तो सकता है, लेकिन अभ्यास छोड़ने पर वह वापस बढ़ जाता है। इसके विपरीत, योग शरीर को एक प्राकृतिक शेप देता है और मांसपेशियों को टोन करता है। मोटापा केवल ज्यादा खाने से नहीं, बल्कि तनाव, हार्मोनल असंतुलन और सुस्त जीवनशैली के कारण भी होता है। योग इन सभी अंतर्निहित कारणों पर काम करता है।
वजन घटाने के लिए 'सूर्यनमस्कार' को सबसे बेहतरीन अभ्यास माना जाता है। सूर्यनमस्कार के 12 चरण पूरे शरीर का वर्कआउट करते हैं। इसके 10 से 12 चक्र रोजाना करने से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी तेजी से बर्न होती है और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ सुधरती है। इसके अलावा त्रिकोणासन, फलकासन (Plank), और नौकासन जैसे आसन पेट, जांघों और कूल्हों की चर्बी को लक्षित करते हैं। ये आसन कोर मसल्स को मजबूत बनाते हैं और पेट के अंगों को सक्रिय करते हैं।
योग का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह व्यक्ति में 'माइंडफुल ईटिंग' (जागरूक होकर खाना) की आदत विकसित करता है। योग के अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है, जिससे 'स्ट्रेस ईटिंग' या इमोशनल ईटिंग (तनाव में ज्यादा खाना) की समस्या दूर होती है। व्यक्ति अपने शरीर की वास्तविक भूख को समझने लगता है और जंक फूड के प्रति उसकी लालसा कम हो जाती है। यह थायरॉइड और पीसीओडी (PCOD) जैसी हार्मोनल समस्याओं को भी ठीक करता है जो मोटापे का मुख्य कारण हैं। इस प्रकार, योग एक स्वस्थ और संतुलित शरीर पाने का सबसे सुरक्षित मार्ग है।